राजकीय महाविद्यालय मंगलौर हरिद्वार में देव भूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया

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आज राजकीय महाविद्यालय मंगलौर हरिद्वार के देवभूमि उद्यमिता केंद्र के अंतर्गत उच्च शिक्षा विभाग एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद के संयुक्त तत्त्वावधान में एक दिवसीय ओरीएन्टेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के देवभूमि उद्यमिता केंद्र के नोडल डॉ0 राम भरोसे द्वारा इस कार्यक्रम का संयोजन किया गया। आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोजेक्ट ऑफिसर देवभूमि उद्यमिता योजना, देहरादून केंद्र से सपना नेगी रही। कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ0 राम भरोसे के उद्बोधन से हुआ उन्होंने कहा कि जीवन में हमें जो भी अवसर और सीख दी जाती है, उनमें हमें बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। यदि हम विकसित भारत के सपने को साकार करना चाहते हैं, तो यह बिना कौशल के संभव नहीं है। आज के समय में दुनिया तेजी से बदल रही है और प्रतिस्पर्धा भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यदि हमें आगे बढ़ना है और भारत को उन्नति के मार्ग पर ले जाना है, तो हमें कौशल विकास से जुड़ना ही होगा।

कौशल विकास न केवल व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि यह देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके माध्यम से समाज के हर वर्ग का समुचित विकास संभव है। उन्होंने कहा कि आज हम ‘विकसित भारत 2047’ का सपना देख रहें हैं और यह सपना तभी हम साकार कर सकते हैं, जब हमारे देश का प्रत्येक युवा रोजगार प्राप्त कर चुका होगा। यह तभी हो सकेगा जब हम युवाओं को रोजगार लेने वाले के बजाए देने वाला बनाएंगे। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद द्वारा इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इस कार्यक्रम की मुख्य प्रशिक्षक श्रीमती सपना नेगी ने छात्र-छात्राओं को देवभूमि उद्यमिता योजना के लाभों और संभावनाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी, प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने राज्य में संचालित विभिन्न स्टार्टअप्स के उदाहरण भी प्रस्तुत किए, जिन्हें अन्य केंद्रों पर छात्र-छात्राओं द्वारा सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है।

इसके साथ ही, उन्होंने छात्रों की रुचियों से संबंधित उद्यमिता विषय पर एक टेस्ट भी आयोजित किया, जिससे उनकी समझ और क्षमता का आकलन किया जा सके। आगे इस योजना के माध्यम से छात्र-छात्राएँ किस प्रकार अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं, इस विषय पर भी उन्होंने अपने अनुभव विस्तार से साझा किए।

अंत में, पीपीटी के माध्यम से उन्होंने उद्यमिता की अवधारणा को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया। कार्यक्रम के अंत में संयोजक डॉ. राम भरोसे ने सभी छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन किया और “नर हो, न निराश करो मन को” कुछ काम करो कुछ काम करो पंक्तियों के साथ अपने प्रेरणादायक विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए हमें अपने कार्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठ, सजग एवं पूर्ण ईमानदारी के साथ समर्पित रहना चाहिए। तो हमें अपने कार्य के प्रति कर्तव्यनिष्ठ रहते हुए पूर्ण ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओ को प्रेरित किया कि हमें अपने कर्म के प्रति हमेशा सजग रहना चाहिए और हर कार्य को जिम्मेदारी एवं निष्ठा के साथ करना चाहिए। जीवन में आगे बढ़ने के लिए निरंतर परिश्रम, ईमानदारी और अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पण अत्यंत आवश्यक है।

इस कार्यक्रम के अंत में उपस्थित रहें समस्त प्रतिभागियों को देवभूमि उद्यमिता योजना, देहरादून केंद्र एवं भारत उद्यमिता विकास संस्थान ईडीआईआई अहमदाबाद कीओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए इसके अतिरिक्त, देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत पूर्व में आयोजित बूटकैंप में प्रतिभाग कर चुके छात्र-छात्राओं नाज़िया, अभिषेक एवं समरेज ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बूटकैंप के दौरान प्राप्त सीख, गतिविधियों एवं उद्यमिता से जुड़े अवसरों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी और उन्हें योजना से जुड़कर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय परिवार के साथ छात्र-छात्राओं में नाज़िया, अलीशा, साजिद, तमन्ना, हजरत हुमेरा, शिवम्, शुभम, अनुज, निखिल, देवांश, हुदा, आदि कार्यक्रम में उपस्थित रहें।

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