सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, सेक्टर-2: विश्वकर्मा दिवस पर विद्यार्थियों ने दी सृजन एवं कौशल की प्रेरक प्रस्तुति

Spread the love

सरस्वती विद्या मंदिर इण्टर कॉलेज, सेक्टर-2, भेल रानीपुर, हरिद्वार में बुधवार को विश्वकर्मा दिवस श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के भैया-बहनों ने भगवान विश्वकर्मा के जीवन एवं उनके कार्यों पर आधारित गीत प्रस्तुत किए तथा उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन आचार्य जयपाल सिंह जी ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को भगवान विश्वकर्मा के जीवन से परिचित कराते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा को भारतीय परंपरा में सृजन, शिल्प, तकनीक, निर्माण एवं कौशल के प्रतीक के रूप में स्मरण किया जाता है। उन्होंने कहा कि परिश्रम, कुशलता, रचनात्मकता और अपने कार्य के प्रति निष्ठा ही व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाती है। विद्यार्थियों को अपने कार्य को पूरी लगन एवं ईमानदारी से करने तथा अपने कौशल का सदुपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र दत्त अन्थवाल ने सभी भैया-बहनों को विश्वकर्मा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा का जीवन हमें सृजनशीलता, परिश्रम, अनुशासन और उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने भीतर छिपी प्रतिभा और कौशल को पहचानें तथा निरंतर अभ्यास एवं परिश्रम के माध्यम से उसे विकसित करें। अपने कार्य को केवल पूरा करना ही नहीं, बल्कि उसे श्रेष्ठ ढंग से करना ही विश्वकर्मा जी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ‘कुशल हाथ, रचनात्मक सोच और राष्ट्रहित की भावना’ को अपने जीवन का हिस्सा बनाकर देश के विकास में योगदान देने का संकल्प लें। कार्यक्रम में विद्यालय के आचार्यगण एवं भैया-बहन उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *