महाविद्यालय नानकमत्ता में एक दिवसीय देव भूमि उद्यमिता योजना अभिविन्यास कार्यक्रम

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महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता में आज दिनांक 14-05-2026 को उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में “देवभूमि उद्यमिता योजना” के अंतर्गत एक दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० अंजला दुर्गापाल, देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी प्रो0 मृत्युंजय शर्मा एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।

अपने उद्घाटन संबोधन में प्राचार्य प्रो० अंजला दुर्गापाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक कौशल एवं नवाचार आधारित उद्यमिता को स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने विशेष रूप से उत्तराखंड की जनजातीय कला एवं संस्कृति, विशेषकर थारु जनजाति की हस्तकला एवं उससे जुड़े स्वरोजगार के अवसरों पर आधारित प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग स्थानीय उत्पादों एवं पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

देवभूमि उद्यमिता योजना के नोडल अधिकारी प्रो0 मृत्युंजय शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विद्यार्थियों को आगामी बूट कैंप, उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) एवं मेगा स्टार्टअप समिट से संबंधित जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने महाविद्यालय में आयोजित उद्यमिता गतिविधियों एवं उनकी उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री भूपेन्द्र सिंह मेहरा ने विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम की संभावनाओं से अवगत कराया। उन्होंने व्यवसायिक विचारों को विकसित करने, अवसरों की पहचान करने तथा विभिन्न वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग योजनाओं की जानकारी साझा की।

कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत उपलब्ध प्रशिक्षण, मेंटरशिप, वेंचर डेवलपमेंट सपोर्ट, हैंड-होल्डिंग तथा वित्तीय सहायता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी विद्यार्थियों को प्रदान की गईं।

कार्यक्रम का संचालन प्रो0 मृत्युंजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं 79 छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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