धनौरी पी.जी. कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा ‘गेट-टुगेदर एवं फेयरवेल’ कार्यक्रम का आयोजन

Spread the love

धनौरी पी.जी. कॉलेज के जंतु विज्ञान विभाग द्वारा आज एम.एससी. द्वितीय सेमेस्टर एवं चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा ‘गेट-टुगेदर एवं फेयरवेल’ कार्यक्रम का हर्षोल्लास के साथ आयोजन किया गया।
शैक्षणिक सत्र के समापन से पूर्व आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के मध्य आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना तथा महाविद्यालय की सुखद स्मृतियों को साझा करना रहा। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ. ) विजय कुमार द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को जीवन के आगामी संघर्षों के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि अनुशासन, लगन एवं निरंतर परिश्रम ही वह कुंजी है जो सफलता के द्वार खोलती है।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुगम संगीत एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। गेट-टुगेदर के दौरान प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने एक-दूसरे के साथ अपने अनुभव साझा किए, जिससे परिसर का वातावरण अत्यंत आत्मीय एवं उत्साहपूर्ण बना रहा।
उप-प्राचार्या डॉ. अलका सैनी ने विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक सत्र की सफल पूर्णता पर शुभकामनाएं दीं तथा समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन करते हुए एक आदर्श नागरिक बनने का संदेश दिया।
जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. राखी बालियान ने विद्यार्थियों के साथ बिताए गए दो वर्षों की स्मृतियों को साझा करते हुए उन्हें शोध एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान मिस फेयरवेल का खिताब एम.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा रूपा कौर तथा मिस्टर फेयरवेल का खिताब एम.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र श्रेष्ठ सैनी को प्रदान किया गया।
समारोह के सफल आयोजन में विभाग के समस्त शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रुचि शर्मा, डॉ. प्रियंका कुमारी, डॉ. प्रियंका नेगी, डॉ. रवि शेखर एवं डॉ. नीतू रानी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उन्हें निरंतर सीखने एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जंतु विज्ञान विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों के प्राध्यापकों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा, जिन्होंने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना की।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए महाविद्यालय जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा किया। सामूहिक जलपान एवं भविष्य में भी इसी प्रकार के आत्मीय संबंध बनाए रखने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *