कथा के दसवें दिवस प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ जी से लेकर अन्य 11 पवित्र ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य एवं उनकी दिव्य महिमा का हुआ वर्णन

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हरिद्वार, 24 अगस्त-  सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर, सेक्टर-1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के दसवें दिवस कथा प्रारंभ होने से पूर्व मंदिर परिसर में पूर्ण वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के साथ भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों के स्वरूपों की स्थापना की गई।

तत्पश्चात् कथा व्यास परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी जी महाराज ने प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ जी से लेकर अन्य 11 पवित्र ज्योतिर्लिंगों के प्राकट्य एवं उनकी दिव्य महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।महाराज श्री ने आंध्र प्रदेश के श्रीशैल पर्वत पर विराजमान श्री मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग तथा उज्जैन में स्थित एकमात्र दक्षिणमुखी श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा सुनाते हुए बताया कि भगवान महाकाल अपने भक्तों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्त करते हैं।

तत्पश्चात् उन्होंने नर्मदा तट पर स्थापित श्री ओंकारेश्वर, हिमालय की गोद में पांडवों को पापों से मुक्ति प्रदान करने वाले श्री केदारनाथ तथा राक्षस भीम का संहार करने वाले श्री भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के प्राकट्य की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा प्रवाह को आगे बढ़ाते हुए पूज्य महाराज श्री ने मोक्षदायिनी काशी नगरी में विराजमान श्री काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, गौतम ऋषि की तपस्या से गोदावरी तट पर प्रकट हुए श्री त्र्यंबकेश्वर तथा भक्त रावण की कठिन आराधना से प्रकट हुए झारखंड स्थित श्री वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की महिमा से श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

इसके बाद उन्होंने भक्त सुप्रिय की रक्षा के लिए प्रकट हुए श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, लंका विजय से पूर्व मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम द्वारा स्थापित श्री रामेश्वरम तथा शिवभक्त घुश्मा की अनन्य भक्ति से प्रसन्न होकर प्रकट हुए अंतिम ज्योतिर्लिंग श्री घृष्णेश्वर की कथा का सुंदर रसपान कराया।

महाराज श्री ने कहा कि जो मनुष्य श्रद्धापूर्वक भगवान शिव के इन सभी ज्योतिर्लिंगों का स्मरण करता है, वह समस्त पापों से मुक्त होकर भगवान शिव की कृपा प्राप्त करता है और अंततः शिवलोक को प्राप्त होता है।कथा के उपरांत उपस्थित सभी यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने महाराज श्री से 12 ज्योतिर्लिंगों की कथा श्रवण करने के पश्चात् विधि-विधानपूर्वक सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की पूजा-अर्चना की। तत्पश्चात् ज्योतिर्लिंगों का विधिवत् विसर्जन किया गया। यह संपूर्ण कार्यक्रम अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लास के साथ संपन्न हुआ। अंत में भव्य आरती की गई, जिसके पश्चात् सभी श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

इस पावन अवसर पर मुख्य यजमान जे.पी. अग्रवाल एवं मंजू अग्रवाल सहित ब्रिजेश शर्मा, दिलीप गुप्ता, राम कुमार, जयप्रकाश, तेजप्रकाश ठाकुर, राकेश मालवीय, आदित्य गहलोत, अनिल चौहान, सुनील चौहान, मोहित शर्मा, मानदाता, हरिनारायण त्रिपाठी, दिनेश उपाध्याय, पंकज चौहान, राजीव, अलका शर्मा, संतोष चौहान, पुष्पा गुप्ता, सरला शर्मा, अन्नपूर्णा, राजकिशोरी मिश्रा, रेनू शर्मा, कुसुम गैरा, भावना गहलोत, कौशल्या, मनसा मिश्रा, सुहानी गुप्ता, सुनीता चौहान, मीनाक्षी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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