देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के द्वितीय दिवस के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक लिया भाग

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ऋषिकेश, 6 अगस्त। श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद के संयुक्त तत्वावधान में संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 के अंतर्गत सत्र 2026–27 के ओरिएंटेशन कार्यक्रम का द्वितीय दिवस विद्यार्थियों के उत्साह, ऊर्जा एवं नवाचार के प्रति उनकी बढ़ती रुचि का साक्षी बना। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों एवं विभागों से लगभग 180 विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए उद्यमिता एवं स्टार्टअप संस्कृति के प्रति अपनी गहरी रुचि प्रदर्शित की।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें रोजगार सृजक (Job Creator) बनने के लिए प्रेरित करना, उनमें उद्यमिता, नवाचार, नेतृत्व क्षमता एवं आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना तथा उन्हें उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित विभिन्न स्टार्टअप एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ना था।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को देवभूमि उद्यमिता योजना 2.0 की कार्यप्रणाली, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, बिजनेस आइडिया की पहचान एवं परिष्करण, विशेषज्ञ मेंटरशिप, आवासीय बूट कैंप, बिजनेस मॉडल कैनवास, पिचिंग सेशन, उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद तथा सीड फंडिंग जैसी महत्वपूर्ण सुविधाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई।

विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि किस प्रकार एक साधारण विचार को नवाचार, उचित मार्गदर्शन, टीमवर्क एवं निरंतर प्रयास के माध्यम से सफल स्टार्टअप में परिवर्तित किया जा सकता है।

इस अवसर पर देवभूमि उद्यमिता योजना की जिला समन्वयक सुश्री सपना नेगी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना युवाओं को आत्मनिर्भर, नवाचारी एवं आत्मविश्वासी उद्यमी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यार्थियों को योजना के विभिन्न चरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल, मेंटरशिप, बूट कैंप, उद्योग विशेषज्ञों के मार्गदर्शन एवं सीड फंडिंग की प्रक्रिया से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने कहा कि आज का समय नवाचार और उद्यमिता का है तथा युवाओं को अपने ज्ञान, कौशल और रचनात्मक सोच को व्यवसायिक अवसरों में परिवर्तित करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस योजना से अधिकाधिक जुड़कर उपलब्ध संसाधनों एवं अवसरों का लाभ उठाएँ और उत्तराखंड को स्टार्टअप एवं नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी भविष्य में सफल उद्यमी बनकर राज्य के आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एंटरप्रेन्योरशिप एवं देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी प्रो. अनीता तोमर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सफलता केवल डिग्री प्राप्त करने से नहीं, बल्कि समस्याओं की पहचान कर उनके अभिनव समाधान विकसित करने की क्षमता से निर्धारित होती है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के भीतर एक संभावित उद्यमी छिपा होता है, जिसे सही दिशा, उचित प्रशिक्षण और सतत मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक सोच, स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान, तकनीकी नवाचारों , आधुनिक तकनीक तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का समन्वय करते हुए ऐसे स्टार्टअप विकसित करने के लिए प्रेरित किया, जो समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करें तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित करें। उन्होंने कहा कि “आज का युवा नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला बन सकता है, यदि वह अपने विचारों पर विश्वास करते हुए उन्हें कार्यरूप देने का साहस रखे।”

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विश्वविद्यालय की छात्रा एवं देवभूमि उद्यमिता योजना की सफल युवा उद्यमी मान्या राजपाल रहीं। उन्होंने अपने प्रेरणादायी उद्यमिता सफर को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए बताया कि किस प्रकार एक साधारण व्यवसायिक विचार को योजना के प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, निरंतर मेंटरशिप तथा आत्मविश्वास के बल पर सफल उद्यम में परिवर्तित किया जा सकता है।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि चुनौतियाँ प्रत्येक उद्यमी के जीवन का हिस्सा होती हैं, किन्तु दृढ़ संकल्प, सतत सीखने की प्रवृत्ति तथा सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।

उनके अनुभवों ने विद्यार्थियों को अत्यंत प्रेरित किया। अपने अनुभव साझा करते हुए मान्या राजपाल ने अपने प्रेरणादायक उद्यमिता सफर का श्रेय देवभूमि उद्यमिता योजना की नोडल अधिकारी प्रो. अनीता तोमर के सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं मेंटरशिप को देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन ने उनके व्यवसायिक विचार को सफल स्टार्टअप में परिवर्तित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कार्यक्रम के सफल संचालन एवं विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में फैकल्टी मेंटर्स प्रो. धर्मेन्द्र तिवारी, प्रो. अंजनी प्रसाद दुबे, एवं डॉ. शालिनी रावत की महत्वपूर्ण एवं सक्रिय भूमिका रही।

उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों का समन्वय करते हुए विद्यार्थियों को उद्यमिता विकास की प्रक्रिया, नवाचार गतिविधियों, व्यवसायिक मॉडल तैयार करने, टीम निर्माण, समस्या-समाधान आधारित सोच तथा आगामी प्रशिक्षण चरणों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही उन्होंने प्रतिभागियों को नवाचार आधारित व्यवसायिक विचार विकसित करने तथा योजना के प्रत्येक चरण में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया।

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