राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र (NAQUIM परियोजना) के द्वारा पीजोमीटर स्थापना कार्य प्रारंभ

Spread the love

आज दिनांक 10 जुलाई 2026 को पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश IQAC के तत्वावधान में राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र (NAQUIM परियोजना) के अंतर्गत ऋषिकेश के भूजल स्तर की वैज्ञानिक निगरानी एवं संरक्षण के उद्देश्य से पीजोमीटर (Piezometer) स्थापित करने का कार्य प्रारंभ किया गया। यह कार्य केंद्रीय भूजल बोर्ड, उत्तराखंड क्षेत्र, देहरादून द्वारा श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के सहयोग से संपादित किया जा रहा है।

इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री दिनेश चंद्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन एवं वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़े ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों में सदैव सहयोग करता रहेगा।
राष्ट्रीय भूजल मापन केंद्र के उत्तराखंड के निदेशक, डॉ. प्रशांत राय ने कहा कि पीजोमीटर से जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन एवं भविष्य की जल सुरक्षा संबंधी योजनाओं को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। उन्होंने इस परियोजना को जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन की शुभकामनाएँ दीं।
इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो.एम एस रावत के बताया कि पीजोमीटर की स्थापना से क्षेत्र के भूजल स्तर, जल गुणवत्ता तथा भूजल में होने वाले मौसमी परिवर्तनों का वैज्ञानिक अध्ययन किया जा सकेगा। विश्वविद्यालय में इस प्रकार की परियोजनाएं विद्यार्थियों को सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर प्रदान करती हैं।
IQAC निदेशक, प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कहा कि यह पीजोमीटर भूजल स्तर की नियमित एवं वैज्ञानिक निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे प्राप्त आंकड़े शोध, जल संसाधन प्रबंधन तथा भूजल संरक्षण की योजनाओं के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे।
कला संकायाध्यक्ष, प्रो. प्रशांत सिंह ने कहा कि भूजल संरक्षण केवल वैज्ञानिक विषय नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है।
उप-परीक्षा नियंत्रक डॉ. हेमंत बिष्ट ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विश्वविद्यालय परिसर में पीजोमीटर की स्थापना विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए व्यवहारिक अध्ययन एवं अनुसंधान का एक उत्कृष्ट माध्यम बनेगी तथा उनमें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय भूजल बोर्ड के वैज्ञानिक-सी डॉ परवेज अहमद व वैज्ञानिक-बी डॉ ऋषिता जैन एवं तकनीकी टीम ने सहभागिता कर पीजोमीटर की विशेषता बताई तथा पीजोमीटर स्थापना की तकनीकी प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए कार्य प्रारम्भ कराया।

“जल है तो कल है” के संदेश के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ तथा सभी ने भूजल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने का संकल्प लिया। इस मौके पर परिसर के प्रो. वी डी पाण्डेय, डॉ. गौरव वार्ष्णेय, सहायक कुलसचिव रणविजय सिंह व अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे I

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *