आज राजकीय महाविद्यालय मंगलौर, हरिद्वार के हिन्दी विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय हिन्दी दिवस धूमधाम से मनाया गया. इस अवसर पर महाविद्यालय के हिन्दी विभाग प्रभारी एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ० राम भरोसे के जानकारी देते हुए बताया कि आज महाविद्यालय के हिन्दी विभाग के अंतर्गत हिन्दी दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में विशेष यह रहा कि हिन्दी की रोजगारपरकता एवं भाषाई महत्ता विषयक एक दिवसीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भक्त दर्शन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जयहरीखाल लैंसडाउन, उत्तराखंड के हिन्दी विभाग प्रभारी सहायक प्राध्यापक डॉ. उमेश ध्यानी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. राखी पंचोला, मुख्य अतिथि डॉ. उमेश ध्यानी एवं हिन्दी विभाग प्रभारी डॉ. राम भरोसे द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी भाषा के महत्व, उसकी उपयोगिता तथा वर्तमान समय में हिन्दी की रोजगारपरक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
प्राचार्य डॉ. राखी पंचोला ने कहा- हिंदी केवल हमारी मातृभाषा नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की आत्मा है और सबको आपस में जोड़ती है। आजादी की लड़ाई के समय भी हिंदी ने पूरे देश को एक साथ लाने का बड़ा काम किया था। हमारे संविधान बनाने वालों ने भी हिंदी को आगे बढ़ाने और सम्मान देने को सबसे जरूरी माना था।
आज सिर्फ हमारे देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में हिंदी का बोलबाला है। यह आम लोगों की भाषा है। गाना, फिल्म, कला से लेकर राजनीति तक- हिंदी हर जगह बातचीत का सबसे मजबूत जरिया है। हमारी अपनी बोली या भाषा भले ही कोई भी हो, हिंदी हम सभी को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करती है।
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’, मैथिलीशरण गुप्त और महादेवी वर्मा जैसे महान लेखकों ने अपनी रचनाओं से हिंदी और हमारे समाज को बहुत आगे बढ़ाया है। हमें दूसरी विदेशी भाषाएं भी जरूर सीखनी चाहिए, लेकिन अपनी मातृभाषा का महत्व कभी नहीं भूलना चाहिए।
मुख्य वक्ता डॉ. उमेश ध्यानी ने कहा- हिन्दी आज केवल साहित्य और भाषा के अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार और स्वरोजगार के अनेक नए अवसरों से जुड़ चुकी है। डिजिटल मीडिया, पत्रकारिता, कंटेंट राइटिंग, अनुवाद, विज्ञापन, जनसंचार, तकनीकी लेखन, सोशल मीडिया तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हिन्दी की उपयोगिता निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे हिन्दी को केवल विषय के रूप में न पढ़ें, बल्कि इसे अपने कौशल एवं करियर निर्माण का माध्यम बनाएं।
उन्होंने छात्र-छात्रों को प्रोजेक्टर के माध्यम से अपने व्याख्यान की बारीकियां से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने उदाहरणों एवं दृश्य-प्रस्तुति के माध्यम से हिन्दी के बदलते स्वरूप, उसकी उपयोगिता तथा रोजगार के क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं को विद्यार्थियों के समक्ष स्पष्ट किया। विद्यार्थियों ने मुख्य वक्ता के व्याख्यान को उत्सुकता एवं गंभीरता के साथ सुना और विषय से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी हिन्दी के प्रति अपने विचार एवं भावनाएँ व्यक्त कीं। महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं काजल, वर्षा एवं सानिया ने कविताओं के माध्यम से हिन्दी भाषा के प्रति अपने विचार प्रस्तुत किए। बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा नरगिस ने हिन्दी की महत्ता को केवल भाषाई आधार तक सीमित न रखते हुए उसके व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं बीए पंचम सेमेस्टर की छात्रा मंतशा ने ‘हमारे जीवन में हिन्दी की भूमिका’ विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नबीला पुत्री मौ. सलीम (बीए तृतीय सेमेस्टर), द्वितीय स्थान शिफा पुत्री श्री शाहिद हसन (बीए तृतीय सेमेस्टर), तृतीय स्थान प्रिया त्यागी पुत्री श्री राजेन्द्र त्यागी (बीए पंचम सेमेस्टर) एवं महक पुत्री श्री इस्लाम (बीए तृतीय सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। मरियम सिद्दीकी पुत्री श्री मसरूर (बीए तृतीय सेमेस्टर) को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
सुलेख प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रिया त्यागी पुत्री श्री राजेन्द्र त्यागी (बीए पंचम सेमेस्टर),
द्वितीय स्थान नरगिस पुत्री श्री मुसर्रफ (बीए तृतीय सेमेस्टर) तथा तृतीय स्थान कासिबा पुत्री श्री इकराम (बीए प्रथम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया।
अफशा पुत्री श्री गुफरान अली (बीए तृतीय सेमेस्टर) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
इसी क्रम में स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नरगिस पुत्री श्री मुसर्रफ (बीए तृतीय सेमेस्टर), द्वितीय स्थान कासिबा पुत्री श्री इकराम (बीए प्रथम सेमेस्टर) तथा तृतीय स्थान रितिका पुत्री श्री छोटा (बीए प्रथम सेमेस्टर) ने प्राप्त किया। खुशबू पुत्री श्री प्रेम साहनी (बीए तृतीय सेमेस्टर) एवं जुबीरा पुत्री मौ. सलीम (बीए तृतीय सेमेस्टर) को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
विजेताओं को मुख्य अतिथि डॉ. उमेश ध्यानी, प्राचार्य डॉ. राखी पंचोला एवं हिन्दी विभाग प्रभारी डॉ. राम भरोसे द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान हिन्दी विभाग की ओर से उन विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर विद्यार्थियों की मेहनत, लगन, अनुशासन और सहयोग की सराहना करते हुए उन्हें ‘हिन्दी विभाग के सैनिक’ के रूप में सम्मानित किया गया। विभाग द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान विद्यार्थियों के लिए विभाग के प्रति समर्पण, जिम्मेदारी एवं एकता का प्रतीक बताया गया।
जिन में प्रिया, काजल,सानिया,नाजिया, नरगिस,नबीला, जुबीरा, वर्षा,शगुन, साईना,सानिया अंसारी,मंतशा आदि को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी विभागीय परिषद 2026-27 का गठन भी किया गया। इसमें बीए पंचम सेमेस्टर की नाज़िया प्रवीन को अध्यक्ष, प्रिया त्यागी को उपाध्यक्ष, सानिया को सचिव तथा बीए प्रथम सेमेस्टर की शगुन को सांस्कृतिक सचिव चुना गया। वहीं काजल, नबीला एवं जुबिरा को कक्षा प्रतिनिधि की जिम्मेदारी सौंपी गई।
कार्यक्रम के अंत में हिन्दी विभाग की ओर से सभी अतिथियों, प्राचार्य, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और हिन्दी भाषा के प्रति अपने सम्मान एवं लगाव को अभिव्यक्त किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन बीए पंचम सेमेस्टर की छात्राओं नाज़िया प्रवीन एवं प्रिया त्यागी ने संयुक्त रूप से किया। दोनों ने पूरे कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन करते हुए विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से आगे बढ़ाया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के डॉ० कलिका काले, डॉ० संदीप कश्यप, डॉ० निविन्ध्या शर्मा, श्री सुभाष चंद्र, श्रीमती सरमिष्ठा, श्रीमती गीता, श्री फैजान, श्री सूर्य प्रकाश, श्री जगपाल, श्री रोहित, श्री सन्नी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महती योगदान प्रदान किया।

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