पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश में NAAC पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

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श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में आज दिनांक 21 सितम्बर 2026 को “NAAC Assessment and Accreditation: A Step Towards Excellence” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य विश्वविद्यालय एवं परिसर के शिक्षकों एवं संबंधित हितधारकों को NAAC मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रक्रिया, गुणवत्ता संवर्धन, दस्तावेजीकरण तथा उच्च शिक्षा में गुणवत्तापूर्ण अकादमिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाना रहा।

कार्यशाला में मुख्य वक्ताप्रो. सुनील कबिया, निदेशक, IQAC, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी, उ.प्र. द्वारा NAAC की मूल्यांकन एवं प्रत्यायन प्रक्रिया, गुणवत्ता के विभिन्न आयामों तथा संस्थागत स्तर पर गुणवत्ता संस्कृति विकसित करने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। कार्यशाला के माध्यम से उपस्थित प्राध्यापकों को NAAC की आवश्यकताओं के अनुरूप संस्थागत गुणवत्ता सुधार, प्रमाण-आधारित दस्तावेजीकरण, अकादमिक गुणवत्ता, शोध एवं नवाचार, छात्र-केंद्रित गतिविधियों तथा सतत गुणवत्ता सुधार के महत्व से अवगत कराते हुए सभी संकाय सदस्यों से अपनी गतिविधियों का व्यवस्थित एवं प्रमाण-आधारित रिकॉर्ड रखने का आह्वान किया।

इस अवसर पर प्रो. जी. के. ढींगरा, निदेशक, IQAC ने अपने उद्बोधन में कहा कि NAAC मूल्यांकन एवं प्रत्यायन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संस्थागत गुणवत्ता में निरंतर सुधार एवं उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग एवं प्रत्येक शिक्षक की सक्रिय सहभागिता से ही विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक वातावरण का निर्माण संभव है।

निदेशक, पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश, प्रो. एम. एस. रावत ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों की पहचान केवल उनके शैक्षणिक परिणामों से नहीं, बल्कि शिक्षण, शोध, नवाचार, विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा समाज के प्रति उनके योगदान से भी होती है। उन्होंने कहा कि NAAC की तैयारी को परिसर की नियमित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों से गुणवत्ता के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी, पारदर्शिता, टीमवर्क एवं निरंतर सुधार की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन, माननीय कुलपति, श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय द्वारा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए IQAC को बधाई देते हुए मुख्य वक्ता प्रो. सुनील कबिया के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर के संकायध्यक्ष विज्ञान प्रो एस पी सती,संकायध्यक्ष कला प्रो पी के सिंह सहित समस्त नैक मानदंड समन्वयक व संकाय सदस्यों की सहभागिता रही। कार्यक्रम ने संस्थागत गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने तथा आगामी NAAC मूल्यांकन की तैयारियों को प्रभावी दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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