राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के लागू होने के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम-2026 के अंतर्गत आज दिनांक 18 अगस्त 2026 को विशेषज्ञ व्याख्यान एवं अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों, उच्च शिक्षा में हो रहे परिवर्तनों तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अभिभावकों की भूमिका के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर डी. सी. गोस्वामी, NEP नोडल अधिकारी एवं भूगोल विभागाध्यक्ष, श्री देव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय, बादशाहीथौल, टिहरी गढ़वाल ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रमुख प्रावधानों, इसके उद्देश्यों तथा उच्च शिक्षा में इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रखकर उनके ज्ञान, कौशल, रचनात्मकता एवं व्यक्तित्व के समग्र विकास पर बल देती है। उन्होंने अभिभावकों से विद्यार्थियों की रुचि, क्षमता एवं व्यक्तिगत प्रतिभा को समझते हुए उन्हें उचित मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी ने मुख्य वक्ता प्रोफेसर डी. सी. गोस्वामी जी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा व्यवस्था को अधिक विद्यार्थी-केंद्रित, कौशल-आधारित एवं समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों के लिए सक्षम, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में महाविद्यालय के शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने का आग्रह किया।
अभिभावक उन्मुखीकरण कार्यक्रम में अभिभावक-शिक्षक संघ की अध्यक्षा श्रीमती मीना कार्की भी उपस्थित रहीं। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके नैतिक, सामाजिक एवं व्यावहारिक विकास के लिए महाविद्यालय और अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद एवं सहयोग आवश्यक है। डॉ किशोर सिंह चौहान एवं डॉ किरण जोशी ने भी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को समझने तथा महाविद्यालय, विद्यार्थी और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंच संचालन डॉ सुगन्धा वर्मा ने किया एवं कार्यक्रम संयोजन संयुक्त रूप से डॉ किशोर सिंह चौहान, डॉ किरण जोशी, डॉ यशवंत सिंह, डॉ सुगन्धा वर्मा एवं डॉ आलोक बिजल्वाण ने किया।
इस अवसर पर अभिभावक गण, विद्यार्थी एवं महाविद्यालय के डॉ बृजेश चौहान, डॉ खुशपाल, डॉ विनीत कुमार, डॉ निशी दुबे, डॉ प्रभात कुमार सिंह, डॉ आराधना राठौर, डॉ मंजू पांडे, डॉ अशोक कुमार अग्रवाल, डॉ कुलवीर सिंह राणा, श्रीमती उर्वशी जुयाल, श्री राजेश राणा, श्री स्वर्ण सिंह, श्री मदन सिंह, श्री होशियार सिंह, श्री जीतेन्द्र सिंह, श्री जय प्रकाश भट्ट, श्री सुनील गैरोला, श्री अमीर सिंह चौहान, श्री सुनील रमोला, श्री नरेश रमोला, श्री कौशल सिंह बिष्ट, श्री धनराज सिंह बिष्ट, श्रीमती हिमानी रमोला, श्रीमती विजय लक्ष्मी, श्री संजय कुमार एवं श्री रमेश चंद्र उपस्थित रहे।

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