महाविद्यालय नानकमत्ता में ‘दीक्षारम्भ छात्र प्रेरणा एवं अभिविन्यास कार्यक्रम’ का हुआ आयोजन

Spread the love

नानकमत्ता, 12 अगस्त 2026। महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता, ऊधम सिंह नगर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए IQAC के तत्वावधान में ‘दीक्षारम्भ छात्र प्रेरणा एवं अभिविन्यास कार्यक्रमका आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विभिन्न प्रकोष्ठों, समितियों, छात्र कल्याण योजनाओं, अनुशासन, सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों तथा उपलब्ध विभिन्न अवसरों से परिचित कराते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रेरित करना रहा।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालयीन जीवन विद्यार्थी के व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य की दिशा निर्धारित करने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहने, अध्ययन के प्रति गंभीर रहने तथा महाविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अनुशासन, परिश्रम, समयबद्धता और सकारात्मक दृष्टिकोण विद्यार्थी की सफलता के प्रमुख आधार हैं।

मुख्य अनुशास्ता प्रो. मृत्युंजय शर्मा ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय में अनुशासन एवं स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने के साथ-साथ एंटी-रैगिंग प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को रैगिंग जैसी कुप्रथा से दूर रहने तथा महाविद्यालय की गरिमा एवं अनुशासन को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने देवभूमि उद्यमिता से संबंधित अवसरों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त करने के साथ-साथ उद्यमिता एवं स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

महिला शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की संयोजक डॉ. निवेदिता अवस्थी ने छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था, लैंगिक संवेदनशीलता एवं सुरक्षित तथा सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अधिकारों एवं उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक रहते हुए किसी भी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।

IQAC की नोडल अधिकारी डॉ. ममता सुयाल ने विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता व्यवस्था तथा उच्च शिक्षा में हो रहे समकालीन परिवर्तनों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने परीक्षा प्रणाली, नई शिक्षा नीति, क्रेडिट प्रणाली आदि के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें नियमित अध्ययन एवं अकादमिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं संस्थागत व्यवस्थाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। प्रो. मृत्युंजय शर्मा द्वारा एंटी-रैगिंग, अनुशासन एवं देवभूमि उद्यमिता के संबंध में जानकारी दी गई। डॉ. राघवेंद्र मिश्रा ने छात्र संघ एवं कैरियर काउंसलिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। डॉ. निवेदिता अवस्थी ने महिला शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली एवं विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सहायता व्यवस्था के बारे में बताया।

इसी क्रम में डॉ. ममता सुयाल ने परीक्षा व्यवस्था, नई शिक्षा नीति एवं क्रेडिट प्रणाली की जानकारी दी। डॉ. चम्पा टम्टा ने विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजनाओं एवं पुस्तकालय सुविधाओं से अवगत कराया। डॉ. मंजुलता जोशी ने सांस्कृतिक परिषद तथा महाविद्यालय में आयोजित होने वाली सांस्कृतिक गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। डॉ. रवि जोशी ने राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं क्रीड़ा गतिविधियों के संबंध में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया तथा उन्हें महाविद्यालय की सह-पाठ्यक्रमीय एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से महाविद्यालय में संचालित कक्षाओं में उपस्थित होकर अध्ययन करने, शिक्षकों के मार्गदर्शन का लाभ उठाने तथा महाविद्यालय द्वारा प्रदान किए जा रहे विभिन्न अवसरों में सक्रिय सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों के उज्ज्वल, सफल एवं मंगलमय भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के बी.ए. एवं बी.एससी. प्रथम सेमेस्टर के 57 नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा, डॉ. निवेदिता अवस्थी, डॉ. ममता सुयाल, डॉ. चंपा टम्टा, डॉ. शशि प्रकाश सिंह, डॉ. मंजुलता जोशी, डॉ. दर्शन सिंह मेहता, डॉ. रवि जोशी, महेश कन्याल, राम जगदीश सिंह, विपिन थापा, सुनील कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन डॉ. रवि जोशी द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *