सुमित सिंह को जलवायु संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य के लिए “एसडीजी यंग अचीवर अवॉर्ड 2024-25” से सम्मानित किया गया

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सेंटर फॉर पब्लिक पॉलिसी एंड गुड गवर्नेंस (CPPGG) द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने हिम विलेज ई-प्रहरी फाउंडेशन के संस्थापक सुमित सिंह को प्रतिष्ठित “एसडीजी यंग अचीवर अवॉर्ड 2024-25” से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें सतत विकास लक्ष्य (SDG) 13 – जलवायु कार्रवाई (Climate Action) के अंतर्गत हिमालयी क्षेत्र में किए गए उनके उल्लेखनीय पर्यावरणीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
पर्वतीय गांवों में कचरा प्रबंधन: एक गंभीर चुनौती
हिमालयी क्षेत्र के दूरस्थ गांवों में उचित कचरा प्रबंधन व्यवस्था का अभाव एक गंभीर पर्यावरणीय समस्या बन चुका है। किसी संगठित तंत्र के न होने के कारण ग्रामीण अक्सर कचरे को जलाने या जंगलों में फेंकने के लिए मजबूर होते हैं, जिससे वन क्षेत्रों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है। इसी समस्या का स्थायी समाधान खोजने के उद्देश्य से सुमित सिंह और उनकी युवा टीम लगातार जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है।
ज़ीरो वेस्ट विलेज पहल: प्रेरणा की मिसाल
हिम विलेज ई-प्रहरी फाउंडेशन द्वारा विकसित सामुदायिक आधारित “ज़ीरो वेस्ट विलेज इनिशिएटिव मॉडल” वर्तमान में राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र के गंगा भोगपुर गांव में संचालित किया जा रहा है। इस पहल के तहत अब तक लगभग 10,000 किलोग्राम कचरे का संग्रहण कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा चुका है।
इस मॉडल का उद्देश्य पूरे हिमालयी क्षेत्र के लिए स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप एक सतत एवं प्रभावी कचरा प्रबंधन प्रणाली विकसित करना है। संगठन की टीम ने “वेस्ट टू वंडर” तथा “वेस्ट आवर डिजिटल इनिशिएटिव्स” जैसे तकनीक-आधारित नवाचार भी शुरू किए हैं।
आईआईटी रुड़की और पारुल विश्वविद्यालय ने किया क्षेत्रीय अध्ययन
इस अनूठी पहल को देश की कई प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा सराहा गया है। आईआईटी रुड़की और पारुल विश्वविद्यालय की शोध टीमों ने इस मॉडल का अध्ययन करने के लिए क्षेत्रीय दौरे किए हैं। इसे हिमालयी क्षेत्र के लिए एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
सुमित सिंह के नेतृत्व में कई युवा सहयोगी भी इस पर्यावरणीय अभियान को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं, जिससे जलवायु संरक्षण और स्वच्छता के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।

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