राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता रायपुर देहरादून में दिनांक 7 अप्रैल 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक अंतर संकाय सांस्कृतिक प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था, जिसमें महाविद्यालय के चारों संकायों कला विज्ञान, वाणिज्य तथा गृहविज्ञान संकाय के छात्र- छात्राओं द्वारा प्रतिभाग किया गया ।
प्रथम दिवस दिनांक 7 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रतियोगिताएं
प्रश्नोतरी प्रतियोगिता
कला संकाय -प्रथम,
विज्ञान संकाय -द्वितीय
गृहविज्ञान संकाय -तृतीय स्थान ।
भाषण प्रतियोगिता
कला संकाय- प्रथम
वाणिज्य संकाय – द्वितीय
गृहविज्ञान संकाय- द्वितीय
विज्ञान संकाय-तृतीय
भाषण प्रतियोगिता में वाणिज्य संकाय एवं गृह विज्ञान संकाय दोनों ही एक समान अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर रहे ।
स्वरचित काव्य पाठ
गृहविज्ञान संकाय-प्रथम
कला संकाय- द्वितीय
वाणिज्य संकाय-तृतीय
पोस्टर प्रतियोगिता-
वाणिज्य संकाय – प्रथम
कला- द्वितीय
विज्ञान-द्वितीय
गृह विज्ञान संकाय – तृतीय
कला एवं विज्ञान संकाय एक समान अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर रहे ।
द्वितीय दिवस 8 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रतियोगिताएं-
रंगोली प्रतियोगिता
गृह विज्ञान संकाय – प्रथम
कला संकाय-द्वितीय
विज्ञान संकाय-तृतीय
स्केचिंग प्रतियोगिता
कला संकाय- प्रथम
विज्ञान संकाय- द्वितीय
गृह विज्ञान संकाय -तृतीय
दिनांक-10 अप्रैल 2026 को आयोजित प्रतियोगिताएँ
समूह गान
गृह विज्ञान संकाय – प्रथम
विज्ञान संकाय- प्रथम
कला संकाय -द्वितीय
वाणिज्य संकाय- तृतीय
एकल गायन प्रतियोगिता
वाणिज्य संकाय – प्रथम
कला संकाय-द्वितीय
विज्ञान संकाय- तृतीय
एकल नृत्य प्रतियोगिता
गृह विज्ञान संकाय – प्रथम
कला संकाय- द्वितीय
वाणिज्य संकाय- तृतीय
लघु नाटिका प्रतियोगिता
विज्ञान संकाय-प्रथम
वाणिज्य संकाय – द्वितीय
गृह विज्ञान संकाय – द्वितीय
कला संकाय – तृतीय
समूह नृत्य प्रतियोगिता
गृह विज्ञान संकाय -प्रथम
विज्ञान संकाय- द्वितीय
कला संकाय- तृतीय
भारत के पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता
वाणिज्य संकाय- प्रथम
कला संकाय- द्वितीय
गृह विज्ञान संकाय तृतीय
कला संकाय – तृतीय
भारत के पारंपरिक परिधान प्रतियोगिता में प्रति संकाय दो प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया था , मूल्यांकन प्रतिभागी की व्यक्तिगत प्रस्तुति के आधार पर दिया गया
इसलिए तृतीय स्थान कला एवं गृह विज्ञान
दोनों संकायों को समान अंक प्राप्त करने पर दिया गया ।
आज दिनांक 11 अप्रैल 2026 को महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव समारोह में छात्र- छात्राओं को सांस्कृतिक प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों के साथ उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले (बी.ए., एम.ए. बी. एस.सी., एम .एस . सी.,बी. कॉम.तथा गृहविज्ञान बी. एस. सी., एम. एस. सी.संकायों की प्रत्येक कक्षा से) छात्र-छात्राओं को, वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता तथा नार्थ जोन में स्थान बनाने वाले विद्यार्थियों को, नमामी गंगे कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को, एनसीसी के विशेष प्रतिभागियों को, एनएसएस कार्यक्रम के विशेष प्रतिभागियों नशा मुक्ति कार्यक्रम के प्रतिभागियों को तथा जिले स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में स्थान प्राप्त छात्र- छात्राओं को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर मुख्य अतिथि , अति विशिष्ट अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं प्राचार्य महाविद्यालय द्वारा सम्मानित किया गया ।
आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर विधान सभा के विधायक श्री उमेश शर्मा जी,अति विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक प्रो. आनंद सिंह उनियाल तथा रायपुर ब्लॉक की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सरोजनी जवाडी थी ।
सर्वप्रथम सांस्कृतिक समिति की संयोजक डॉ. अनीता चौहान ने सभी अतिथियों का महाविद्यालय परिवार की तरफ़ से हार्दिक अभिनंदन और स्वागत किया, तत्पश्चात माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया । महाविद्यालय की छात्रा वंदना राही ने सरस्वती वंदना की खूबसूरत प्रस्तुति देकर माँ शारदे का आशीर्वाद प्राप्त किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि श्रीमती सरोजनी जवाड़ी को सांस्कृतिक समिति की संयोजक डॉ. अनीता चौहान व समिति के सदस्यों डॉ. कविता काला एवं श्रीमती रेखा चमोली ने बेज अलंकरण ,प्लांटर व स्मृति चिह्न के साथ अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष प्राचार्य प्रो. विनोद प्रकाश अग्रवाल को प्रो. एस. सी. नौटियाल , प्रो .यतीश वशिष्ट, प्रो. जी. एस डंगवाल एवं डॉ. सुमन गुसाईं ने बेज अलंकरण,प्लांटर ,स्मृति चिह्न व अंतर्वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया ।
महाविद्यालय की छात्रा वंदना राही ने स्वागत गीत गाकर अतिथियों का अभिनंदन किया ।
रायपुर ब्लॉक की प्रमुख श्रीमती सरोजनी जवाडी ने अपने संबोधन में बताया कि इस महाविद्यालय के बनने से पूर्व हमारे यहाँ के बच्चों को उच्च शिक्षा की प्राप्ति के शहर जाना पड़ता था ,जिससे बहुत सी छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती थी ।लेकिन अब इस महाविद्यालय का लाभ सभी को प्राप्त हो रहा है ।
इसी क्रम मे अति विशिष्ट अतिथि प्रो . आनंद सिंह उनियाल ने भी कहा कि सरकार द्वारा उच्च शिक्षा के छात्रों उन्नयन हेतु बहुत सी योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसका फायदा वो ही छात्र उठा सकते हैं जो प्रतिदिन महाविद्यालय आते है ।
उन्होंने कार्यक्रम मे प्रतिभाग करने वाले छात्र – छात्राओं को बधाई दी ,साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया ।
मुख्य अतिथि रायपुर विधान सभा के विधायक माननीय उमेश शर्मा जी ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय के छात्र- छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई देते हुए कहा कि 2013 मे देखा एक स्वप्न जो 2014 मे कार्यरूप में परिणित हुआ ,आज विकास की नित नई ऊंचाइयों को छू रहा है उन्होंने कहा कि नवीन भवन बनने के पश्चात् निश्चय ही ये महाविद्यालय अपनी एक मिसाल क़ायम करेगा ।
उन्होंने प्राचार्य महाविद्यालय, प्राध्यापकों तथा छात्र छात्राओं को सांस्कृतिक कार्यक्रम के सफल आयोजन के बधाई दी साथ ही सांस्कृतिक प्रतियोगिता,क्रीड़ा प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ, उच्च शिक्षा मे सर्वोच्च अंक प्राप्त छात्र तथा नशा मुक्ति कार्यक्रम,एनएसएस कार्यक्रम,नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया ।
इसी क्रम में प्राचार्य महाविद्यालय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सम्मानित अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की कर अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी प्राध्यापक और छात्र छात्राओं ने बहुत मेहनत की जिसके लिए दोनों ही बधाई के पात्र है । उन्होंने कहा कि मुझे इस बात से बहुत प्रसन्नता हो रही है कि बाहर से आने वाले सभी निर्णायक मंडल द्वारा महाविद्यालय के छात्र छात्राओं की उत्कृष्ट प्रस्तुतियों सराहना की,जो महाविद्यालय के प्राध्यापकों तथा विद्यार्थियों के लिए एक अच्छा संदेश है ।
इसी क्रम में उन्होंने महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति की संयोजक डॉ. अनीता चौहान तथा सदस्यों डॉ. कविता काला, डॉ.शैलेंद्र सिंह, श्रीमती रेखा चमोली, तथा डॉ. सुमन गुसाईं को कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी ।
इसके साथ ही उन्होंने सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले संकाय कला संकाय की चैंपियन ट्रॉफी की घोषणा की जिससे छात्रों में उत्साह की लहर दौड़ गई । द्वितीय स्थान गृहविज्ञान संकाय को तथा तृतीय स्थान विज्ञान संकाय को मिला । वाणिज्य संकाय और विज्ञान संकाय मे कुछ प्वाइंट्स का ही अंतर रहा ।
प्राचार्य जी ने कहा की हार और जीत किसी की योग्यता का मूल्यांकन नही होता है बल्कि परिणाम चाहे कुछ भी रही प्रतिभाग करने वाला प्रत्येक प्रतिभागी विजयी होता है । हार मे भी जीत का सबक छिपा होता है इसलिए निराश न होना अपितु फिर से नई कोशिश कर सफलता हासिल करने के लिये प्रयास करना ।

Name: Dr. Sandeep Bhardwaj
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