हरिद्वार में विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न: स्वामी दयामूर्त्यानंद जी ने विवेकानंद के स्वदेश मंत्र की दी प्रेरणा

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हरिद्वार, 02 फ़रवरी 2026 : सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज,  रानीपुर भेल में आज “विराट हिंदू सम्मेलन” का सफल आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संत स्वामी डॉ. दयामूर्त्यानंद जी तथा विशिष्ट अतिथि श्री रोहिताश जी (विभाग संपर्क प्रमुख, हरिद्वार) की उपस्थिति में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों संत स्वामी डॉ. दयामूर्त्यानंद जी, श्री रोहिताश जी, नीति गुप्ता जी, सुदीप जी, योगेन्द्र जी, प्रवीण जी, अजय शर्मा जी (विद्यालय प्रबंधन), वकील शर्मा जी, जगदीप जी तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री लोकेंद्र दत्त अंथवाल जी द्वारा माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलन एवं गुरु रविदास जी को नमन से हुई। अतिथियों का परिचय मनमीत जी (बौद्धिक प्रमुख, रानीपुर) ने कराया। स्वस्ति वाचन वैभव जी, मनीष जी, शास्त्री जी तथा जोशी जी ने किया।
इसके बाद विद्या मंदिर की छात्राओं ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत किया। रानीपुर बस्ती के बच्चों ने भी रासलीला, हनुमान चालीसा पाठ, नाथ शंभु भोले नृत्य तथा भारत माता की आरती जैसे मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
मुख्य वक्ता संत स्वामी डॉ. दयामूर्त्यानंद जी ने स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को प्रस्तुत करते हुए वेदों की महत्ता पर प्रकाश डाला और सभी को विवेकानंद जी का प्रसिद्ध “स्वदेश मंत्र” अपनाने की प्रेरणा दी।
विशिष्ट अतिथि नीति गुप्ता जी ने अपने उद्बोधन में जीवन में पाँच महत्वपूर्ण परिवर्तन लाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें विदेशी भेष त्यागकर स्वदेशी वेश अपनाना चाहिए, अपनी सभ्यता को नहीं भूलना चाहिए, घर का बना शुद्ध भोजन ग्रहण करना चाहिए, पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पॉलीथिन मुक्त अभियान चलाना चाहिए तथा नागरिक अनुशासन और कुटुंब एकता को मजबूत करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि श्री रोहिताश जी (विभाग संपर्क प्रमुख, हरिद्वार) ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू समाज आज चुनौतियों का सामना कर रहा है, लेकिन हमारी सनातन संस्कृति और संगठित प्रयासों से हम इनसे पार पा सकते हैं। उन्होंने संघ की शाखाओं की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि नियमित शाखा में जाकर युवा और बालक राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और स्वदेशी भावना को मजबूत करें। विदेशी कंपनियों के बहिष्कार और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील की। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, परिवार की एकता और हिंदू समाज की संगठित शक्ति को बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म, संस्कृति और राष्ट्र को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा।
कार्यक्रम के अंत में शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य श्री कमल रावत जी ने सभी अतिथियों, कलाकारों तथा उपस्थित जनसमूह के प्रति हार्दिक स्वागत एवं आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का संचालन बृजेश शर्मा जी (कार्यक्रम संयोजक, शिव बस्ती) ने कुशलतापूर्वक किया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे और सभी ने हिंदू संस्कृति एवं स्वदेशी जीवनशैली को अपनाने का संकल्प लिया।

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