कोटद्वार: रक्तदान से जीवन की रक्षा और अंगदान से अमरत्व की ओर बढ़े कदम; ‘संकल्प दिवस’ पर गूँजे प्रेरक विचार

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देह नश्वर है, पर सेवा अमर: स्वर्गीय कुणाल रावत के पदचिह्नों पर महान त्याग से प्रज्वलित हुई मानवता की मशाल

कोटद्वार: रक्तदान से जीवन की रक्षा और अंगदान से अमरत्व की ओर बढ़े कदम; ‘संकल्प दिवस’ पर गूँजे प्रेरक विचार

जब कोई व्यक्ति अपने अस्तित्व के अवशेषों से दूसरों की उजड़ती दुनिया को रोशन कर देता है, तो वह मरता नहीं, बल्कि ‘अमर’ हो जाता है। इसी महान सामाजिक आदर्श को जीवंत करते हुए आज दिनांक 20 जनवरी को अंगदानी स्वर्गीय कुणाल रावत जी की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर ‘मानवता के संकल्प दिवस के रूप में ‘ संपन्न हुआ।
विमला कुंदन सेवा ग्राम ट्रस्ट एवं बाल भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पदमपुर मोटाढाक द्वारा आयोजित इस ‘संकल्प दिवस’ ने यह सिद्ध कर दिया कि एक महान संकल्प समाज की दिशा बदल सकता है।
प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थी ‘मानवता के प्रहरी’ के रूप में अपने विचारों को रख रहे है र ।
अंतर विद्यालयी भाषण प्रतियोगिता में जब नगर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने ‘रक्तदान एवं अंगदान’ की महत्ता पर बोलना शुरू किया, तो ऐसा लगा मानो नई पीढ़ी ने समाज की रूढ़ियों को तोड़कर सेवा का नया इतिहास लिखने की ठान ली है।
आज की अंतर विद्यालय प्रतियोगिता में
साहस और संवेदना के विजेता के रूप में प्रथम स्थान पर अदिति बडोला (ब्लूमिंग वेल्स स्कूल): अपने विचारों से ‘जीवन के उपकार’ की नई परिभाषा गढ़ी।
द्वितीय सुप्ति मैन्दोला (ए.वी.एन. स्कूल)
तृतीय प्राची रावत (बाल भारती स्कूल) रही जिन्होंने युवाओं को मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
“मृत्यु अंत नहीं, नई शुरुआत है”
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए संयोजक श्री गिरिराज सिंह रावत, मुख्य सेवादार दलजीत सिंह एवं प्रधानाचार्या श्रीमती हिमानी रावत ने दीप प्रज्वलित कर समाज को यह संदेश दिया कि सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है।
संयोजक गिरिराज सिंह रावत ने अत्यंत प्रेरक शब्दों में कहा:
“स्वर्गीय कुणाल रावत आज हमारे बीच भौतिक रूप से नहीं हैं, लेकिन वे किसी की धड़कन में, तो किसी की दृष्टि में जीवित हैं। अंगदान वह दिव्य सेतु है, जो मौत की खाई को पार कर जीवन का विस्तार करता है। आज यहाँ मौजूद हर युवा ‘मानवता का ब्रांड एम्बेसडर’ है, जो समाज में इस पवित्र संकल्प की अलख जगाएगा।
आयोजन के दौरान उन व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपना जीवन परोपकार को समर्पित कर दिया है। यह सम्मान केवल प्रतीक नहीं, बल्कि उनके त्याग के प्रति कृतज्ञता है:
मानवता के प्रहरी: दीनानाथ भाटिया अध्यक्ष मुक्तिधा एवं वरिष्ठ समाजसेवी,श्रीमती मंजू सिंह (रक्तदान महिला सशक्तिकरण),
बबलू नेगी (पशु सेवा , रक्तदान), वाचस्पति दीक्षित (मानवसेवा आल केयर फाउंडेशन), श्रीमती इन्दु नौटियाल (असहाय व्यक्तियों सेवा कार्य में), अजय खन्तवाल (पत्रकारिता व रक्तदान सेवा), श्री प्रकाश ढौंडियाल (गौ-सेवा), शंकर बहादुर ( रक्तदान एवं शिक्षा), सिद्धार्थ उनियाल (युवा मार्गदर्शन, खेल प्रोत्साहन ),
शिवम नेगी अध्यक्ष देवभूमि पहल ग्रीन आर्मी (पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान प्रेरक एवं समाजसेवा) एवं याशिका जखवाल (योग शिक्षिका रक्तदान व अंगदान प्रेरक) के रूप में सम्मानित किया गया।

निर्णायक मंडल में आधारशिला से जुड़े नियमित रक्तदाता समाजसेविका प्रणिता कंडवाल, कविता एवं उत्कर्ष नेगी सचिव देवभूमि पहल ग्रीन आर्मी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की।
विद्यालय परिवार के सदस्य मोनिका बड़थ्वाल, सौरभ पाण्डे, सन्दीप रावत और रविन्द्र भारद्वाज ने इस सार्थक पहल को सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया।

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