स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार में वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन

Spread the love

डॉ. पीताम्बर दत्त बर्थवाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार के वनस्पति विज्ञान विभाग में आज दिनांक 01/04/26 को वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय “जल संरक्षण में महिलाओं की भूमिका” था।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य प्रो. डी. एस. नेगी द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विभाग द्वारा करवाई गई विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं का पुरस्कार वितरण रहा।
प्रतियोगिताओं के परिणाम:
1. वाद-विवाद प्रतियोगिता:
प्रथम स्थान: सुप्रिया (बी.एस.सी. चतुर्थ सेम.)
द्वितीय स्थान: देबाशीष (बी.एस.सी. चतुर्थ सेम.)
तृतीय स्थान: वंशिका (बी.एस.सी. चतुर्थ सेम.)
निर्णायक मण्डल: डॉ. चन्द्रप्रभा कण्डवाल, डॉ. सुमन सिंह एवं डॉ. रंजना सिंह।
2. ईको-फ्रेंडली दिवाली पोस्टर प्रतियोगिता:
प्रथम स्थान: सुप्रिया बुड़ाकोटी (बी.एस.सी. प्रथम सेम.)
द्वितीय स्थान: देबाशीष (बी.एस.सी. तृतीय सेम.)
तृतीय स्थान (संयुक्त रूप से): हर्षित वर्मा (बी.एस.सी. प्रथम सेम.) एवं वंशिका (बी.एस.सी. तृतीय सेम.)
चतुर्थ स्थान: रोहित कुमार (बी.एस.सी. तृतीय सेम.)
सान्त्वना पुरस्कार: एंजिला
3. निबन्ध प्रतियोगिता:
प्रथम स्थान: सुप्रिया (बी.एस.सी. चतुर्थ सेम.)
द्वितीय स्थान: प्रीति नेगी (एम.एस.सी. चतुर्थ सेम.)
तृतीय स्थान (संयुक्त रूप से): देबाशीष और वंशिका (बी.एस.सी. चतुर्थ सेम.)
सभी विजेता छात्र-छात्राओं को प्राचार्य द्वारा पुरस्कार दिया गया। प्राचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन और आत्मविश्वास अत्यन्त आवश्यक है। आज जिन विद्यार्थियों को पुरस्कार मिल रहा है वे सभी अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। साथ ही, जो विद्यार्थी आज पुरस्कार से वंचित रह गए हैं उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है, असफलता ही सफलता की पहली सीढ़ी होती है।

विभाग प्रभारी डॉ. राखी डिमरी द्वारा समस्त छात्र-छात्राओं एवं प्राध्यापकों के उत्साहवर्धन हेतु प्राचार्य को धन्यवाद दिया गया। कार्यक्रम में डॉ. चन्द्रप्रभा कण्डवाल, डॉ. सुमन सिंह, डॉ. रंजना सिंह, डॉ. श्वेता कुकरेती, डॉ. श्रुति अग्रवाल, श्री वीरेन्द्र सैनी, श्री शीशपाल राणा, श्री कुलदीप एवं स्नातक व स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता कुकरेती एवं श्री देबाशीष द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *