सैनी आश्रम बचाओ संघर्ष समिति ने किया प्रबंध समिति सैनी आश्रम का पंजीकरण निरस्त होने का दावा

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हरिद्वार, 17 जनवरी। सैनी आश्रम बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक मनोज सैनी ने दावा किया है कि सैनी समाज की ऐतिहासिक और प्राचीन धरोहर सैनी आश्रम ज्वालापुर को हड़पने और खुर्दबुर्द करने की नीयत से जाली दस्तावेज बनाकर और गलत तथ्य प्रस्तुत कर पंजीकृत करायी गयी संस्था को रजिस्ट्रार, सोसाइटी फर्म एंड चिट्स उत्तराखंड देहरादून ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया है।

प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता के दौरान सैनी आश्रम बचाओ संघर्ष समिति के संरक्षक मनोज सैनी ने कहा कि कुछ लोग सैनी आश्रम को कब्जाने की नीयत से झूठे फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर समाज सेवा के कार्यों को प्रभावित करना चाहते थे। लेकिन 13 जनवरी को सोसाइटी फंड और चीट द्वारा प्रबंध समिति सैनी आश्रम ज्वालापुर को फर्जी संस्था बताकर निरस्त कर दिया गया है। मनोज सैनी ने कहा कि धन बल एवं राजनीतिक दबाव में बनाई गई संस्था ने आय-व्यय का कोई लेखा जोखा भी प्रस्तुत नहीं किया और ऑडिट भी नहीं कराया गया है। उन्होंने कहा कि सैनी सभा सैनी आश्रम के लंबे सघर्ष के बाद सत्य की जीत हुई है।

उन्होंने कहा कि समाज की प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर सैनी आश्रम, ज्वालापुर को किसी भी कीमत पर खुर्द बुर्द नहीं करने दिया जाएगा, जिन्होंने भी समाज की प्राचीन धरोहर सैनी आश्रम पर जब भी गिद्ध दृष्टि डाली उसका समय समय पर समाज ने जवाब दिया है और उक्त धरोहर को संरक्षित करने का कार्य किया है। मंत्री डा.संजीव सैनी, समय सिंह सैनी व तेजप्रकाश सैनी ने कहा कि सैनी आश्रम समाज सेवा का बड़ा केंद्र है। कुछ लोग स्वार्थ के चलते आश्रम की संपत्ति को कब्जाना चाहते थे। उनके द्वारा कई प्रकार की अनियमिताएं भी गई। लेकिन सत्य की जीत हुई है। अब जल्द ही समाज के लोगों के साथ मिलकर जिला अधिकारी व एसडीएम से मिलकर आश्रम की व्यवस्था को अपने हाथों में लिया जाएगा।

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