सड़कों पर सुरक्षा, रगों में संवेदना: कोटद्वार परिवहन विभाग और आधारशिला समूह ने रची सेवा की नई इबारत

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कोटद्वार : सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा माह के अंतर्गत परिवहन विभाग कोटद्वार के तत्वावधान में , आधारशिला रक्तदान समूह कोटद्वार द्वारा रक्तदान शिविर एवं प्रकाश आई टेस्ट सेंटर के द्वारा रक्तदान शिविर एवं निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित किया गया ।

आज का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि कोटद्वार के लिए ‘संवेदना का उत्सव’ बन गया। जब परिवहन विभाग के दफ्तर से चालान की आवाज़ नहीं, बल्कि “रक्तदान-महादान” के संकल्प के साथ पूर्ण हुई । सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जहां सभी से सड़क नियमों के पालन करने की सलाह दी जाती है । साथ ही उसके आज सेवा ओर महादान के के पर्व के रूप में रक्तदान शिविर के इस आयोजन ने सिद्ध कर दिया कि प्रशासन के पास केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक धड़कता हुआ दिल भी होता है।
एक मिसाल जो इतिहास बन गई है
कल्पना कीजिए, एक अधिकारी जो दिन भर सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्णय लेता है, वही अधिकारी जब शांत भाव से रक्तदान की कुर्सी पर लेटकर समाज को अपनी रगों का रक्त समर्पित करता है, तो वह दृश्य ‘आदर्श’ बन जाता है। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) श्रीमती शशि दुबे जी ने अपने जीवन का प्रथम रक्तदान कर यह साबित किया कि समाज को बदलने के लिए भाषण की नहीं, ‘आचरण’ की आवश्यकता होती है। उनके द्वारा दी गई रक्त की वह पहली बूंद हजारों युवाओं के लिए ‘प्रेरणा का बीज’ बन कर एक आदर्श ओर रक्तदान के प्रति लोगों को प्रेरित करेगी ।आज कोटद्वार परिवहन विभाग ने वर्दी की उस गरिमा को नई ऊँचाई दी है, जहाँ वह केवल व्यवस्थापक नहीं, बल्कि ‘ ‘जीवन-दाता’ की भूमिका में नजर आया।
“सड़क पर फैला खून एक अभिशाप है, लेकिन दान किया गया रक्त एक आशीर्वाद है।”
आज रक्तदान शिविर के साथ साथ शिविर में आए सभी लोगों के लिए निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रकाश आई केयर के सतीश अमोली जी ने अपनी सेवाओं से यह संदेश दिया कि सुरक्षित सफर के लिए केवल इंजन दुरुस्त होना काफी नहीं, चालक की ‘दृष्टि’ भी साफ़ होनी चाहिए।
आज के रक्तदान शिविर में 35 नेत्र जांच एवं 27 पंजीकरण किए गए ।
जिसमें 23 रक्तदाताओं द्वारा रक्तदान किया गया । आधारशिला रक्तदान समूह के प्रमुख सेवादार दलजीत सिंह जी और संरक्षक श्री गिरिराज सिंह जी की मेहनत ने 23 ऐसे नायकों को मंच दिया, जिन्होंने बिना किसी पहचान के अपना रक्त अनजान जीवन के नाम कर दिया। आज के रक्तदान शिविर में
राजकीय अस्पताल कोटद्वार की ब्लड बैंक की टीम से अजय सिंह मेहरा जी, ज्योत्सना पोर्शन जी प्रदीप रावत जी कपिल कुमार जी, प्रकाश आई टेस्ट केयर से श्री सतीश अमोली जी,कुमारी गीता जी ,व आधारशिला रक्तदान समूह की और से दलजीत सिंह जी(संचालक)श्री गिरिराज सिंह जी(समूह संरक्षक)व परिवहन विभाग कोटद्वार से सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन श्रीमति शशि दुबे जी ,परिवहन कर अधिकारी श्री जयंत वशिष्ठ जी परिवहन उप निरीक्षक श्री सुशील कुमार,परिवहन उपनिरीक्षक श्री विजेंद्र प्रसाद, व अन्य समस्त प्रवर्तन कर्मी ,श्री सुमित कुमार ,कुंदन सिंह ,देवेश भट्ट, अंकित कुमार,सुमित गुसाईं, राकेश कुनियाल,प्रिया, आधार शिला रक्तदान समूह के स्वयंसेवक याशिका जख्वाल, शिवम नेगी, इंदू नौटियाल , शंकर बहादुर ने अपना पूर्ण योगदान दिया । व अपने कार्य के द्वारा यह दिखा दिया कि सेवा के लिए उम्र नहीं, केवल एक बड़ा उद्देश्य होना चाहिए।
सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत आयोजित रक्तदान एवं नेत्र जांच शिविर में बताया गया कि
सड़क सुरक्षा का असल मतलब केवल दुर्घटनाओं को रोकना नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के जीवन की कीमत समझना है।
“35 नेत्रों की जाँच और 23 यूनिट रक्त—यह आंकड़ा नहीं, बल्कि बचाई गई जिंदगियों की उम्मीद है।”

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