राजकीय महाविद्यालय जखोली रूद्रप्रयाग की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय शिविर के सप्तम दिवस का समापन

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आज दिनांक 29 मार्च 2026 दिन रविवार को राजकीय महाविद्यालय जखोली रूद्रप्रयाग उत्तराखंड की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर दिन – रात के सप्तम दिवस पर समापन समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. देवेश चंद्र जी रहे। एवं उनके साथ डॉ. कपिल जी एवं डॉ. विकास शुक्ला जी भी उपस्थित रहे। समापन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ छात्र स्वयंसेवियों ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गान प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई राजकीय महाविद्यालय जखोली के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुभाष कुमार ने सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत किया दीप प्रज्वलन किया गया एवं सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत के साथ सुंदर प्रस्तुतियां प्रदान की गई।

महाविद्यालय के विद्वान प्रोफेसर डॉ. विकास शुक्ला जी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से स्वयंसेवी समाज एवं राष्ट्र के विकास में किस प्रकार से अपना योगदान प्रदान कर सकते हैं इस विषय पर अपने विचार रखें। महाविद्यालय के मूर्धन्य विद्वान डॉ. कपिल जी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के बारे में स्वयंसेवियों से अपने अनुभव साझा किये। स्वयंसेवियों में आशीष अनुराग, सागर कुमार सुजल, दिव्यांशु काला, अमित प्रकाश, रोहित बैरवाण, कल्पना रावत दिया भट्ट, देवांशी नैथानी, आदि ने इस शिविर में जो अनुभूतियां प्राप्त हुई उनको अभिव्यक्त किया।

महाविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर आदरणीय डॉ. देवेश चंद्र जी ने स्वयंसेवियों को समय प्रबंधन के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए कहा कि अगर हमें अपने जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो समय का प्रबंध करना अनिवार्य है, अगर हम समय का प्रबंध नहीं कर पाए तो निश्चित रूप से हमें सफलता प्राप्त नहीं होती है, अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुभाष कुमार ने दिनांक 23 मार्च 2026 से दिनांक 29 मार्च 2026 तक इस शिविर में चलाए गए स्वच्छता अभियान, जागरूकता अभियान, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, फाइनेंशियल लिटरेसी अभियान, साक्षरता अभियान, जल स्रोतों की सफाई का अभियान, लोगों को जागरूक करने का अभियान, एवं महिला डॉक्टरों द्वारा महिलाओं की समस्याओं के समाधान का अभियान एवं स्वयंसेवियों को किस प्रकार से भविष्य के लिए तैयार करना है आदि विषयों पर इस शिविर में स्वयंसेवियों को जानकारियां प्रदान करने का प्रयास किया है इसको विस्तार से प्रस्तुत किया।

डॉ. कुमार ने अंत में महाविद्यालय परिवार की मुखिया एवं संरक्षिका आदरणीय डॉ. माधुरी जी एवं समस्त शिक्षकगणों, कर्मचारीगणों एवं स्वयंसेवियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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