राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़: राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर छठा दिवस

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आज दिनांक 26 फरवरी 2026 को राजकीय महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर सत्र 2025-26 के छठे दिन सर्वप्रथम स्वयंसेवकों ने योग प्रशिक्षक श्री राजेश राणा के मार्गदर्शन में योगाभ्यास के साथ शुरुआत की। कार्यक्रम अधिकारी डॉ मंजू पांडे के नेतृत्व में प्रतिभागी स्वयंसेवकों ने मनकामेश्वर मंदिर चिन्यालीसौड़ में स्वच्छता अभियान चलाया।

बौद्धिक सत्र में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स विषय पर ऑनलाइन मोड में जुड़े वक्ताओं ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखिका एवं कवयित्री निर्देश निधि जी ने “साहित्यिक कृतियों में कॉपीराइट: संरक्षण एवं उल्लंघन की चुनौतियां” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने साहित्यिक रचनाओं के अधिकार, डिजिटल युग में बढ़ती साहित्यिक चोरी की समस्याओं तथा रचनाकारों के कानूनी संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को मौलिक लेखन के महत्व को समझाते हुए कॉपीराइट नियमों की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने अपनी स्वरचित कहानियों, कविताओं एवं रेखाचित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया।

द्वितीय वक्ता के रूप में Uttarakhand State Council for Science and Technology (UCOST) के वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ हिमांशु गोयल जी ने “Design and Creative Thinking for Innovative Ecosystem” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने नवाचार, डिजाइन थिंकिंग और स्टार्टअप के संदर्भ में बौद्धिक संपदा की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से एक सशक्त इनोवेशन इकोसिस्टम का निर्माण किया जा सकता है।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी जी ने अपने संबोधन में कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार आज के ज्ञान-आधारित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि साहित्य, विज्ञान और तकनीक—तीनों क्षेत्रों में मौलिकता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सृजनात्मकता के साथ-साथ उसके विधिक संरक्षण के प्रति भी सजग रहें।

साथ ही, महाविद्यालय के डॉ अशोक कुमार अग्रवाल ने पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता के मह्त्व पर व्याख्यान दिया एवं डॉ आलोक बिजल्वाण ने सम्प्रेषण कौशल को विकसित करने विषय पर विचार रखे। इसके अतिरिक्त शिविर में एकल नृत्य प्रतियोगिता भी सम्पन्न हुई जिसके निर्णायक मंडल में डॉ नेहा बिष्ट एवं डॉ प्रभदीप सिंह उपस्थित रहे। शिविर की गतिविधियों में महाविद्यालय के डॉ अशोक कुमार अग्रवाल एवं डॉ बृजेश चौहान का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इसके अतिरिक्त श्री अमीर चौहान ने भी सहयोग प्रदान किया।

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