डॉ० पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार में आई सी एस एस आर द्वारा प्रायोजित “डॉ० भीमराव अंबेडकर के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता” विषय पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ आज दिनांक 10 अप्रैल 2026 को उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती रितु खंडूरी भूषण, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी एस नेगी, सेमिनार संयोजक डॉक्टर जुनीश कुमार एवं आयोजन सचिव डॉक्टर संदीप कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
सेमिनार में मुख्य अतिथि श्रीमती रितु खंडूरी भूषण ने अपने उद्बोधन में डॉ भीमराव अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला । उन्होंने कहा कि उनके विचार सभी के लिए प्रेरणा का काम करते हैं, डॉ अंबेडकर ने समाज के वंचित और शोषित व्यक्तियों के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया । उन्होंने कहा कि आज के समय में डॉ अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। समाज में समानता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए उनके सिद्धांतों को अपनाना जरूरी है। युवाओं को उनके विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए ।
कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पंडित राजेंद्र अंथवाल ने अपने उद्बोधन में कहां कि समाज में दबे कुचले लोगों को ऊंचा उठाना ही डॉ अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। समाज के गरीब तबके तथा शोषितों एवं वंचितों को मुख्य धारा में लाना हम सब का कर्तव्य होना चाहिए। आज उनके विचारों को अपनाने की जरूरत है।
कार्यक्रम में दूसरे विशिष्ट अतिथि अनुसूचित जाति आयोग उत्तराखंड के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमार ने कहा कि अंबेडकरवाद को समझना बहुत जरूरी है। समाज के अंतिम व्यक्ति को मुख्य धारा में लाना ही अंबेडकरवाद है। अंबेडकर किसी जाति विशेष के नहीं सभी वर्गों के थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार में अंबेडकर जी का स्मारक बनाया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सतपुली डिग्री कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर संजय कुमार ने कहा कि बाबा साहब को भारत रत्न देने में 34 वर्ष का लंबा समय लग गया । भारतीय संविधान में आदर्श वाक्य सत्यमेव जयते अंबेडकर जी की देन है। उन्होंने दलित शब्द दिया। एक कर एक देश, सहकारिता जैसे अनेक कार्यक्रम जो आज चल रहे हैं , यह अंबेडकर के विचार ही थे।
सेमिनार में प्रोफेसर रमेश चौहान, प्रोफेसर आदेश कुमार, डॉ राकेश पाल, डॉ रीटा शर्मा, डॉ अर्चना गौतम, डॉ जुनीष कुमार ने आपने विचार रखे। उद्घाटन सत्र के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डीएस नेगी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डीएस नेगी ने सभी अतिथियो का आभार व्यक्त करते हुये डॉ अम्बेडकर क़े विचारों पर प्रकाश डालते हुये कहा कि आधुनिक भारत की दिशा तय करने वाले डॉ अम्बेडकर ही थे।
उन्होंने कहा कि हमें अधिकारों को ही नहीं बल्कि कर्तव्य का भी पालन करना चाहिये। कार्यक्रम में डॉ राखी डिमरी, डॉ आदेश कुमार, डॉ रोशनी असवाल, डॉ एस के गुप्ता, डॉ मीनाक्षी वर्मा, डॉ श्रद्धा, डॉ हीरा सिंह, डॉ विनोद सिंह, डॉ प्रवीन जोशी, डॉ प्रीति रानी, डॉ अभिषेक गोयल, डॉ कपिल थपलियाल, डॉ सुषमा थलेडी , डॉ धर्मेंद्र पंवार, डॉ चंद्र प्रभा कंडवाल, विकास आर्य, मनवऱ लाल भारती, अरविन्द दुदपुड़ी सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, शोध छात्र-छात्राएं तथा एनसीसी कैडेट उपस्थित रहे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी एस नेगी की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर बी सी शाह ने किया।

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