धनौरी पी.जी. कॉलेज में ‘विज्ञान जागरूकता सप्ताह’ के चौथे दिन मॉडल प्रस्तुतीकरण का आयोजन

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धनौरी, हरिद्वार (26 फरवरी, 2026): धनौरी पी.जी. कॉलेज, धनौरी द्वारा Indian Association of Physics Teachers – Asian Physics Olympiad (IAPT–APhO) के सहयोग से राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित ‘विज्ञान जागरूकता सप्ताह’ (23 फरवरी से 28 फरवरी, 2026) के अंतर्गत चौथे दिन रसायन विज्ञान विभाग द्वारा मॉडल प्रस्तुतीकरण का भव्य आयोजन किया गया।

इस विज्ञान जागरूकता सप्ताह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और प्रयोगात्मक क्षमता का विकास करना है। आज के मॉडल प्रस्तुतीकरण की थीम “Science Based Innovation and Models” रही, जिसमें महाविद्यालय के लगभग 50 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा 20 आकर्षक और ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए गए, जिनमें भौतिकी व रसायन विज्ञान के सिद्धांतों, ऊर्जा संरक्षण, और आधुनिक तकनीक को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों ने अपने मॉडलों के माध्यम से विज्ञान के व्यावहारिक महत्व को प्रभावशाली रूप में प्रस्तुत करते हुए अपनी वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मॉडल निर्माण जैसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होती हैं और उनमें आत्मविश्वास का संचार करती हैं।
उप-प्राचार्या एवं शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. अलका सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि मॉडल प्रस्तुतीकरण जैसी शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान को धरातल पर उतारने और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करती हैं, जो उनके बौद्धिक विकास के लिए अनिवार्य है।
विज्ञान जागरूकता सप्ताह के संयोजक एवं भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि यह मंच विद्यार्थियों को अपने वैज्ञानिक विचारों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करने का अवसर देता है, जिससे उनमें विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित होती है।
कार्यक्रम की समन्वयक एवं रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका वत्स ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों की प्रस्तुतीकरण क्षमता, प्रयोगात्मक कौशल और वैज्ञानिक समझ में वृद्धि होती है।
मॉडल प्रस्तुतीकरण के निर्णायक मंडल में डॉ. सुशील, डॉ. हरीश रावत एवं डॉ. पुष्पा फर्स्वाण शामिल रहे, जिन्होंने सभी 20 मॉडलों का निष्पक्ष मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन डॉ. अनुपमा, सहायक आचार्या, रसायन विज्ञान विभाग द्वारा किया गया, जिन्होंने अपने प्रभावशाली संचालन से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। कार्यक्रम के अंत में समस्त सहायक आचार्यों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को उनके सहयोग हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया गया। आज की प्रतियोगिता और पूरे सप्ताह की अन्य गतिविधियों के विजेताओं को ‘विज्ञान जागरूकता सप्ताह’ के समापन समारोह (28 फरवरी, 2026) के अवसर पर पुरस्कृत किया जाएगा।

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